आप भारत में जरूर रहते हैं मगर क्या आप जानते हैं ? कि भारत का नागरिक किसे कहते हैं ? उत्तर बड़ा जटिल हैं. भारत में बसने वाले ज्यादातर लोगों के पास….
– आधार कार्ड
– पैन कार्ड
– राशन कार्ड
– ड्राइविंग लाइसेंस
– वोटर आईडी कार्ड
– बैंक पासबुक
– जन्म प्रमाण पत्र (अगर अकेला हो)
– बिजली या पानी का बिल
आदि डॉक्यूमेंट जरूर होगे मगर क्या आपको पता हैं? उपरोक्त दस्तावेज़ नागरिकता साबित करने के लिए मान्य नहीं हैं. सुनकर आश्चर्यचकित हो गए ना? मगर ये अटल सत्य हैं. भारत की नागरिकता साबित करने के लिए कुछ मुख्य दस्तावेज हैं, जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र ( BIRTH CERTIFICATE ) और भारत में जारी पासपोर्ट ( INDIAN PASSPORT ).
जन्म प्रमाण पत्र
(Birth Certificate) :
यह प्रमाण है कि आप भारत में पैदा हुए हैं, जो नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण है. भारत में जारी किया पासपोर्ट यह भी भारत की नागरिकता का प्रमाण है, जो आपको यात्रा करने और भारत में पहचान स्थापित करने में मदद करता है.
वोटर आईडी (VOTER ID) :
यह भी नागरिकता का प्रमाण है, लेकिन पासपोर्ट और जन्म प्रमाण पत्र की तुलना में यह कम मजबूत हो सकता है. अन्य दस्तावेज जो नागरिकता का प्रमाण हो सकते हैं :
आधार कार्ड (Aadhaar Card) :
यह पहचान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
पैन कार्ड (PAN Card) :
यह भी पहचान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
राशन कार्ड (Ration Card) :
यह निवास का प्रमाण हो सकता है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
अन्य सरकारी दस्तावेज :
जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, शिक्षक प्रमाण पत्र, या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य दस्तावेज भी पहचान के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
अतिरिक्त जानकारी:
नई गाइडलाइन के अनुसार, केवल जन्म प्रमाण पत्र और भारत में जारी पासपोर्ट ही भारतीय नागरिकता का पुख्ता प्रमाण माने जाएंगे.
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में घोषणा की है कि आधार कार्ड, पैन कार्ड या राशन कार्ड अब नागरिकता का प्रमाण नहीं माने जाएंगे.
अगर आपके पास नागरिकता का कोई भी प्रमाण नहीं है, तो आपको भारतीय नागरिकता पाने के लिए आवेदन करना होगा.
UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने साफ कर दिया है कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, ना कि नागरिकता का. आधार, पैन, राशन कार्ड से साबित नहीं होगी नागरिकता, ऐसा देखा गया कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी लोग आधार, पैन और राशन कार्ड के सहारे खुद को भारतीय नागरिक बता रहे थे. ऐसे में केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने नया फैसला लिया है.
दिल्ली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि विदेशी नागरिकों के तौर पर संदिग्ध लोगों से अब केवल वोटर ID कार्ड या पासपोर्ट ही नागरिकता प्रमाण के तौर पर स्वीकार किए जाएंगे.
पिछले साल अक्टूबर से चल रहे वेरिफिकेशन मुहिम के दौरान यह देखा गया कि बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या, आधार, पैन और राशन कार्ड के सहारे खुद को भारतीय नागरिक बता रहे थे.
कई अवैध प्रवासियों के पास आधार, राशन कार्ड, पैन कार्ड और यहां तक कि UNHCR (संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त) की तरफ से जारी कार्ड भी पाए गए हैं. इससे भारतीय नागरिकता की सही पहचान करना कठिन हो गया था. इसलिए अब वोटर आईडी कार्ड या भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया गया है.’
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रह रहे लगभग 3,500 पाकिस्तानी नागरिकों में से करीब 520 मुस्लिम हैं, जिनमें से अब तक 400 से अधिक लोग अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान लौट चुके हैं.
केवल जन्म प्रमाणपत्र या पासपोर्ट के आधार पर आप भारतीय नागरिकता का दावा नहीं कर सकते. आधार कार्ड भी आपको भारतीय नगारिक साबित नहीं करता. आप तभी खुद को भारतीय नागरिक कह सकते हैं जब आपके माता-पिता में से कोई एक भारतीय हो.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पासपोर्ट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के बावजूद चार लोगों को अवैध अप्रवासी माना. जस्टिस केयू चंडीवाल के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र से पता नहीं चलता कि उनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों भारतीय नागरिक हैं.
नागरिकता कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति भारतीय नागरिक है अगर उसका जन्म 16 जनवरी 1950 के बाद और एक जुलाई 1987 के पहले भारत में हुआ है. अगर कोई व्यक्ति एक जुलाई 1987 के बाद जन्मा है तो वह भारतीय नागरिकता का दावा तभी कर सकता है जब उसके माता-पिता में से कोई एक भारतीय हो. ( समाप्त )