
शंकर जी का निवास “कैलाश पर्वत.”
श्री कैलाश पर्वत को भगवान श्री शंकर जी का निवास स्थान कहते है. इसका प्रमाण हमें शिवपुराण, मत्स्य पुराण और स्कंद पुराणों मे मिलता …
शंकर जी का निवास “कैलाश पर्वत.” Read Moreमेरे अनुभव की दुनिया
श्री कैलाश पर्वत को भगवान श्री शंकर जी का निवास स्थान कहते है. इसका प्रमाण हमें शिवपुराण, मत्स्य पुराण और स्कंद पुराणों मे मिलता …
शंकर जी का निवास “कैलाश पर्वत.” Read Moreवट सावित्री का त्योहार के दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती है . प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या को उत्तर भारत की सुहागिनों द्वारा तथा ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा …
पतिव्रता सत्यवान – सावित्री| Savitri Read Moreमाता सरस्वती को संगीत, साहित्य कला की देवी माना जाता है. वीणा संगीत की, पुस्तक शिक्षा की और वाहन ( हंस ) कला की अभिव्यक्ति मानी जाती है. माता सरस्वती …
शिक्षा संगीत और कला की “देवी सरस्वती.” Read Moreमहाकाव्य महाभारत हमारा धर्मिक पौराणिक महाग्रंथ है. मूल स्वरूप मे यह एक महाकाव्य है. कई भारतीय तथा विदेशी भाषाओं मे इसका अनुवाद हुआ है. आज मुजे ” …
महाभारत की एक पात्र, गांधार देश की “गांधारी”| Gandhari Read MoreImage Credit by -www.indianetzone.com रामायण की बात आते ही हमें , ” राम, लक्ष्मण, जानकी जय बोलो हनुमान जी ” की याद आती है. मगर आज मुजे अयोध्या के राजा …
दसरथ पुत्र राजा “शत्रुध्न”| Dhashrath Putra Satrudhan Read MoreImage Credit -www.newstrend.news शिव भोला भंडारी की आराधना भक्त को मृत्यु के काल से मुक्त कर देती है. यह साधक को सुख समृद्धि ,शक्ति प्रदान करती है. लंकाधिपति राजा रावण …
रावण रचित शिव तांडव श्रोत| Read Moreमहामृत्युंजय मंत्र ऋग्वेद का एक श्लोक है. जो शिव जी को मृत्युंजय के रूप में समर्पित है. महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती ही है, साथ मे आरोग्यता …
शिवजी को समर्पित महामृत्युंजय मंत्र| Mahamrutyunjay Mantra Read Moreमहर्षि विश्वामित्र, त्रेतायुग मे जन्मे भगवान श्री राम जी के गुरु थे. उन्होंने श्रीराम को धनुर्विद्या और शास्त्र विद्या का ज्ञान दिया था. ऋषि विश्वामित्र बड़े ही तेजस्वी और ज्ञानी …
महान ऋषि विश्वामित्र| Vishwamitra Read MoreImage Credit – https://www.amazon.in चार वेद हमारे प्राचीन ग्रंथ है. (1) ऋग्वेद , (2) यजुर्वेद, (3)सामवेद, और (4) अथर्ववेद. वेदो को दुनिया के प्रथम प्राचीन धर्मग्रंथ कहा गया है. वेद …
हमारे प्राचीन ग्रंथ चार वेद| Read Moreदमयंती स्वरुपवान सुंदरी थी. गोरी गोरी पान फुला सारखी छान ! उसकी सुंदरता पर देवता लोग भी फ़िदा थे. तभी तो उसके स्वयंवर मे रुप बदलकर देवता लोग भी पधारे …
नल दमयंती की कथा | Nal Damyanti ki Katha Read More